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Showing posts from May, 2024

विभागीय जाँच प्रक्रिया ०१

  विभागीय जाँच प्रक्रिया (Procedure of Department Inquiry) 1. विभागीय जाँच का प्रारम्भ- विभागीय जाँच हेतु जब कोई प्रकरण अनुशासनिक अधिकारी द्वारा तैयार किया जाता है। तब आरम्भिक स्थिति में तीन महत्वपूर्ण घटनाएँ घटित होता है. जो इस प्रकार है-  (1) आरोप पत्र तैयार किया जाना- विभागीय जाँच के प्रारंभ करने की जो प्रथम महत्वपूर्ण कार्यवाही है, वह अनुशासनिक अधिकारी द्वारा, जिस कदाचरण हेतु विभागीय जाँच का निर्णय लिया गया है. आरोप-पदों का तैयार किया जाना है। आरोप पत्र तैयार करना 'सी.जी.सी.एस.सी. सी.ए. नियम के अधीन एक आज्ञापक (Mandatory) कार्यवाही है। इस प्रकार सी.जी.सी.एस.सी.सी.ए. नियम के नियम 14 (3) में अपचारी अधिकारी को एक आरोप पत्र जारी करने का प्रावधान किया गया है, जिसमें मुख्यतया निम्न ब्यौरे होंगे-  (ⅰ) लगाए गए आरोप या आरोपों का विवरण( Discription of Charges ), (in) आरोपों पर अभिकथन ( Statement of Allegations ),  (ii) अभिलेखीय साक्ष्यों की सूची ( List of documentary evidence ),  (iv) साक्षियों की सूची ( List of witnesses )। (2) अपचारी अधिकारी को आरोप पत्र जारी किया जाना - सी.जी.सी.एस.

बिलासपुर न्यायालय हेतु न्यायमित्र

  प्रधान न्यायाधीश के न्यायालय हेतु अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के न्यायालय हेतु न्यायमित्र की पैनल सूची श्री अब्दुल सलीम कुरैशी श्रीमती नवनीता पाण्डेय श्री रमेश मिश्रा श्री शिवानंद घेण्डे श्रीमती सुनीता ठाकुर श्रीमती अजिता खरे श्री प्रशांत गनोरकर श्री लखन लाल महिलांग श्रीमती मौसमी जांगड़े श्रीमती आलोक सरकार श्री अवधेश सोनी कुमारी हेमलता सुश्री स्वर्णप्रभा महापात्र श्री रविशंकर तिवारी श्री लक्ष्मीनारायण विश्वकर्मा श्रीमती नीता चौबे सुश्री सरोज चौरसिया श्री आदर्श कुमार गुप्ता श्रीमती कामना तिवारी श्री देवेन्द्र कुमार जांगड़े श्रीमती प्रभा शर्मा श्री प्रवीन सिंह ठाकुर श्रीमती उमा साही श्री रज्जाक खान श्रीमती वी० श्रद्धा राव श्री भरत लोनिया श्री सतीष कुमार यादव श्री मनीश कुमार पाठक श्रीमती किरन मिश्रा श्रीमती नीलम सिंह श्रीमती रेशमा गुल खान श्री मनोज कुमार चौबे श्रीमती चित्रलेखा वर्मा श्रीमती मीनाक्षी राठौर सुश्री श्रद्धा तिवारी कुमारी शीतला खरे कुमारी गेस टण्डन श्रीमती फुलमनी गोयल श्री ज्योतिन्द्र उपाध्याय कुमारी निशा तोलवानी श्रीमती कविता आर्या श्री शिवशंकर साहू सुश्री मनीशा निर्मलकर श्री

प्रतिलिपी आवेदन पत्र के संबंध में

  (अ) प्रतिलिपि आवेदन पत्र प्रस्तुत करते समय ध्यान देने वाले मुख्य बाते :- (1) प्रतिलिपि हेतु प्रस्तुत आवेदन पत्र मुख्य प्रतिलिपिकार, कार्यालय प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय, बिलासपुर को संबोधित होना चाहिए। (2) प्रतिलिपि प्राप्त करने हेतु प्रतिलिपि अनुभाग में प्रतिलिपि आवेदन पत्र प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक प्रस्तुत किया जा सकता है। आवेदक, प्रतिलिपि अनुभाग से प्रतिलिपि 02:30 बजे से 5:00 बजे तक प्राप्त किया जा सकता है। (3) प्रतिलिपि हेतु आवेदन पत्र निर्धारित प्रारूप में प्रस्तुत करना है, जिसमें न्यायालय का नाम, प्रकरण क्रमांक, पक्षकार का नाम, पेशी तारिख या प्रकरण निराकृत होने की स्थिति में निर्णय / आदेश दिनांक, धारा एवं स्वयं का मोबाईल नम्बर पूर्ण एवं स्पष्ट रूप से भरा होना चाहिए। (4) आवेदक जिस प्रकरण से संबंधित दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतिलिपि प्राप्त करना चाहता है, उसका पूर्ण विवरण प्रस्तुत करेगा तथा प्रतिपृष्ठ 2/- रूपये की दर से प्रतिलिपि न्यायालय शुल्क अदा करेगा। (5) प्रतिलिपि प्राप्त करने हेतु प्रस्तुत साधारण एवं शीघ्र परिदान आवेदन पत्र में नियमानुसार न्यायालय शुल्क च

विविध न्यायिक प्रकरणों के लिए प्रक्रिया

कार्यालय प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय बिलासपुर,(छ०ग०) द्वारा सिविल एवं न्यायिक प्रकरणों के लिए जारी विधिमान्य प्रक्रिया 1. दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 125 से लेकर 128 तक के समस्त प्रकरणों में आवेदिका को अपना तथा अनावेदक का मोबाइल नंबर, व्हाट्सअप नंबर, बैंक खाता विवरण, पंजीकृत पता पिन कोड सहित लिखना अनिवार्य होगा। 2. आवेदक अपना /अनावेदक का ऐसा सभी विवरण और दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे, जो भरण-पोषण के आवेदन के निराकरण के लिए अनिवार्य एवं आवश्यक हो। यदि दस्तावेज मूल नहीं है, तो दो रूपये का कोर्ट फीस प्रति पृष्ट की दर से देंगे। 3. आवेदक अपने आवेदन के समर्थन में जो भी दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे उसे स्वप्रमाणित करके देना होगा। 4. आवेदिका के लिए यह अनिवार्य है कि वह माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय रजनेश विरूद्ध नेहा वगैरह आपराधिक अपील कमांक 07.30.2020 निर्णय दिनांक 04.11.2020 में दिए गए निर्देश के अनुसार अपनी संपत्ति और दायित्व की घोषणा करते हुए शपथ पत्र विहित प्रारूप में प्रस्तुत करेंगे जिसके साथ सुसंगत दस्तावेज भी पेश करना अनिवार्य होगा।  5. आवेदिका के द्वारा भरण पोषण हेतु आवेदन प्

सिविल प्रकरणों के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया

  कार्यालय प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय बिलासपुर,(छ०ग०) द्वारा सिविल एवं न्यायिक प्रकरणों के लिए जारी विधिमान्य प्रक्रिया क) 1. स्वयं पक्षकार को उपस्थित होकर वाद पत्र, याचिका, आवेदन न्यायालय कार्य दिवस में प्रातः 11.00 से लेकर सायं 04.00 बजे तक प्रस्तुत करना होगा जिसके साथ शपथ पत्र, स्वयं तथा प्रतिवादी/अनावेदक का मोबाइल नम्बर, व्हाट्सएप नम्बर, ई-मेल, पंजीयन पता, इत्यादि जो उपलब्ध हो, देना होगा। 2. विवाह विच्छेद या वैवाहिक संबंध के पुनर्स्थापना एवं भरण पोषण के प्रकरणों में प्रतिवादी/अनावेदक को मोबाइल नंबर से या उसके वाट्सएप के माध्यम से सूचना किया जाकर आहूत किया जा सकता है। 3. प्रतिवादी/अनावेदक मोबाईल या वाट्सएप या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दी गई सूचना के उपरांत उपस्थित नहीं होता है (विशेष परिस्थितियों को छोड़कर) पक्षकार को नोटिस की तामीली सिविल प्रक्रिया संहिता 1908 की आदेश 5 नियम 12 के अंतर्गत जहां तक संभव हो नोटिस/समन की तामीली प्रतिवादी पर व्यक्तिगत करायी जाएगी साथ ही साथ पंजीकृत डाक के माध्यम से या अन्य माध्यम से भी व्यक्तिगत तामीली कराई जा सकेगी व व्यक्तिगत उपस्थिति हेतु लिखा ज

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