Skip to main content

बिलासपुर न्यायालय हेतु न्यायमित्र

 प्रधान न्यायाधीश के न्यायालय हेतु अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के न्यायालय हेतु न्यायमित्र की पैनल सूची


  1. श्री अब्दुल सलीम कुरैशी


  1. श्रीमती नवनीता पाण्डेय


  1. श्री रमेश मिश्रा


  1. श्री शिवानंद घेण्डे


  1. श्रीमती सुनीता ठाकुर


  1. श्रीमती अजिता खरे


  1. श्री प्रशांत गनोरकर


  1. श्री लखन लाल महिलांग


  1. श्रीमती मौसमी जांगड़े


  1. श्रीमती आलोक सरकार


  1. श्री अवधेश सोनी


  1. कुमारी हेमलता


  1. सुश्री स्वर्णप्रभा महापात्र


  1. श्री रविशंकर तिवारी


  1. श्री लक्ष्मीनारायण विश्वकर्मा


  1. श्रीमती नीता चौबे


  1. सुश्री सरोज चौरसिया


  1. श्री आदर्श कुमार गुप्ता


  1. श्रीमती कामना तिवारी


  1. श्री देवेन्द्र कुमार जांगड़े


  1. श्रीमती प्रभा शर्मा


  1. श्री प्रवीन सिंह ठाकुर


  1. श्रीमती उमा साही


  1. श्री रज्जाक खान


  1. श्रीमती वी० श्रद्धा राव


  1. श्री भरत लोनिया


  1. श्री सतीष कुमार यादव


  1. श्री मनीश कुमार पाठक


  1. श्रीमती किरन मिश्रा


  1. श्रीमती नीलम सिंह


  1. श्रीमती रेशमा गुल खान


  1. श्री मनोज कुमार चौबे


  1. श्रीमती चित्रलेखा वर्मा


  1. श्रीमती मीनाक्षी राठौर


  1. सुश्री श्रद्धा तिवारी


  1. कुमारी शीतला खरे


  1. कुमारी गेस टण्डन


  1. श्रीमती फुलमनी गोयल


  1. श्री ज्योतिन्द्र उपाध्याय


  1. कुमारी निशा तोलवानी


  1. श्रीमती कविता आर्या


  1. श्री शिवशंकर साहू


  1. सुश्री मनीशा निर्मलकर


  1. श्रीमती विनिता डांगे


  1. श्रीमती दुर्गेश्वरी चन्द्रा


  1. श्रीमती श्रद्धा गुप्ता


  1. श्रीमती मंदा काकड़े


  1. कुमारी लक्ष्मीन साहू


  1. श्री मधुकर कश्यप


न्यायमित्र के कर्तव्य व दायित्व


1. निष्पक्ष रहना एवं न्यायसंगत व्यवहार करना ।


2. दोनों पक्ष को सहायता व सलाह देना।


3. सुलह कार्यवाही में पक्षकारों की सहायता करना ।


4. समय-समय पर न्यायालय को अंतरिम या अतिरिक्त रिपोर्ट प्रस्तुत करना ।


5. कोई वाद, याचिका या आवेदन प्रस्तुत होने पर उसका निष्पक्ष परीक्षण करना व युक्तिसंगत सलाह देना।


6. दूसरे पक्ष की उपस्थिति हेतु वादी, याचिकाकर्ता, या आवेदक को समुचित सलाह देना वसहायता करना।


7. दोनों पक्ष के उपस्थित होने पर उन्हें सुसंगत विधि से अवगत कराना व विधि का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करना ।


8. शासन की योजनाओं से पक्षकारों को अवगत कराते रहना।


9. पक्षकारों, उनके संबंधियों या मित्रों या पड़ोसियों से प्रश्न बनाकर पूछना व उनका उत्तर लिखकर तैयार करना।


10. पक्षकारों के घर जाकर उनकी रहन-सहन व जीवन स्तर की समीक्षा करना।


11. वैवाहिक मामलों में दूसरे पक्ष पर नोटिस की व्यक्तिगत तामीली हेतु प्रयास करना।


12. उभयपक्ष या किसी पक्ष के अनुपस्थित रहने पर उनसे संपर्क कर उनकी जानकारी न्यायालय को देना।


13. किसी भी पक्ष के विरूद्ध हुए महत्वपूर्ण आदेश/निर्णय की सूचना उन तक पहुंचाना तथा उन्हें अपील, पुनरीक्षण इत्यादि की कार्यवाही के अधिकार से अवगत कराना


14. उभयपक्ष द्वारा प्रस्तुत संपत्ति व दायित्व की घोषणा में प्रस्तुत शपथ पत्र की समीक्षा करना व पक्षकारों से सही जानकारी प्रस्तुत करने को प्रोत्साहित करना एवं जानकारी प्राप्त करने में उनकी सहायता करना ।


15. विकृत चित्त, अवयस्क या अभिरक्षाघीन पक्षकारों की सहायता करना। 


16. अवयस्क बच्चों की संरक्षकता के मामले में अपनी निष्पक्ष रिपोर्ट देना।


17. जो साक्षी बीमार हो या वृद्धावस्था या अन्य कारणों से उपस्थित ना हो सकते हो उनका साक्ष्य / कथन लेना।


18. न्यायालय की अनुमति पश्चात्, पक्षकार की ओर से उनके प्रकरणों से संबंधित अभिलेख, निर्णय, डिकी, आदेश, दस्तावेज, साक्ष्य इत्यादि की प्रमाणित प्रतिलिपि प्राप्त कर उन्हें उपलब्ध कराना।


19. न्यायालय द्वारा सौंपे गये कार्यों का निष्पादन करना।


मुकदमा संस्थित करने के पूर्व निराकरण सहायता हेतु जारी दूरभाष नंबर: 07752-251034


प्रतिलिपी अनुभाग

लेखा अनुभाग

नजारत अनुभाग 

Comments

Followers

बासी खबर की ताजगी

मंत्रिपरिषद की बैठक , दिनांक 09 जुलाई 2024

छत्तीसगढ़ प्रदेश के  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में दिनांक 09 जुलाई 2024 को मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में निम्नानुसार महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए - मंत्रिपरिषद की बैठक में निर्णय लिया गया कि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग तथा वन और जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा वन अधिकार अधिनियम के तहत व्यक्तिगत्त वन अधिकार पत्रधारकों की मृत्यु होने पर वारिसानों के नाम पर काबिज वन भूमि का हस्तांतरण राजस्व या वन अभिलेखों में दर्ज करने संबंधित कार्यवाही के लिए प्रक्रिया प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इससे भविष्य में नक्शा का जिओ रिफ्रेंसिंग होने से भूखण्ड का आधार नंबर भी लिया जाएगा। इसका उपयोग नामांतरण, सीमांकन, बटवारा आदि में किया जाएगा। प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था के लिए मंत्रिपरिषद की बैठक में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को छत्तीसगढ़ राज्य में पूर्ण रूप से लागू करने का निर्णय लिया गया। नई शिक्षा नीति के तहत कक्षा 5वीं तक बच्चों को स्थानीय भाषा-बोली में शिक्षा दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ह

वन स्टॉप सेंटर : सामान्य जानकारी

सामान्य पूर्व धारणा : हम स्वयं या हमारे आसपास कई ऐसे परिवार है जो किन्ही कारणों से घरेलू विवादों और आपसी सामंजस्य के अभाव में अपनी वैवाहिक जीवन से त्रस्त है. पीड़ित पक्ष के चुप्पी का कारण परिस्थितिजन्य होने के साथ-साथ पुलिस या अन्य संबंधित शिकायतों से उनके सार्वजनिक  जीवन में एकांतता के अभाव की अनायास शंका या अति सामाजिक प्रतिष्ठा से निजी जीवन के रिश्ते में हुई खटास से बदनामी का डर होता है. ऐसे प्रकरण में आरोपी ( प्रत्यर्थी) इस डर का नाजायज फायदा उठाने का प्रयास करता है. उन्हें यह भ्रम होता है कि उनके कृत्यों को उसके आसपास की रहवासी आम जनता हर बार नजरंदाज करते  रहेंगे, ऐसे में इस लेख के माध्यम से हम एक आम जागरूक नागरिक की भूमिका में समाज को विधि द्वारा स्थापित संस्थानों से परिचय कराना चाहते है जिससे जनमानस को ऐसे संस्थानों का महत्व पता चले. शुरुआत करते है ' वन स्टॉप सेंटर' से...     हिंसा से प्रभावित महिलाओं को सहायता प्रदान करने के लिए 01 अप्रैल , 2015 से वन स्टॉप सेंटर/ ओएससी/साक्षी केंद्र स्थापित करने की स्कीम क्रियान्वित कर रहा है। स्कीम का उद्देश्य हिंसा से प्रभावित महिलाओ

जिला एवं सत्र न्यायालय बिलासपुर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

वर्तमान न्यायधानी बिलासपुर ब्रिटिश काल में छत्तीसगढ़ संभाग में शामिल था और उस संभाग के आयुक्त की देखरेख में था। यह उस डिवीजन के डिविजनल जज के अधिकार क्षेत्र में था जो सत्र न्यायाधीश कहलाता था। सभी अदालतें नागपुर में न्यायिक आयुक्त के अधीन थीं। पूर्व में सक्ती और रायगढ़ तथा उत्तर में रीवा के देशी राज्यों में रेलवे सीमा के भीतर और सक्ति , रायगढ़ तथा कवर्धा के देशी राज्यों में यूरोपीय ब्रिटिश विषयों पर भी उनका अधिकार क्षेत्र था। उनके पास पूर्ण शक्तियों का प्रयोग करने वाले चार सहायकों का स्वीकृत स्टाफ था I जिला पंचायत कार्यालय बिलासपुर के ठीक सामने स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय बिलासपुर में आज दिनांक 14 मार्च 2024 को जिला अधिवक्ता संघ निर्वाचन 2024 की मतगणना संपन्न करा लिया जाएगा जिसके पश्चात् जिला अधिवक्ता संघ अपने कार्यकारिणी सदस्यों के साथ इसकी दशा और दिशा तय करने में अपनी महती भूमिका निभाएँगे ...     कोरबा एवं  जांजगीर-चांपा राजस्व जिले में स्थानांतरण  जिले को तीन तहसीलों बिलासपुर , जांजगीर और मुंगेली में विभाजित किया गया था , प्रत्येक तहसील एक सहायक के अधीन एक सब-डिवीज़न थी , जहाँ स