छात्रजीवन में समाज के हित में छात्र राजनीति आवश्यक है क्योंकि यह युवाओं को सामाजिक न्याय, समानता और परिवर्तन की दिशा में सक्रिय बनाती है। छात्र राजनीति केवल सत्ता की होड़ नहीं, बल्कि जागरूकता का माध्यम है। यह छात्रों को शोषण, भ्रष्टाचार और अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने का साहस देती है। इसका अप्रत्यक्ष संबंध पढ़ाई और परीक्षा में अच्छे परिणाम से आत्मविश्वास से भी है l इतिहास गवाह है—स्वतंत्रता संग्राम से लेकर प्रमुख छात्र आंदोलन तक, छात्रों ने समाज को नई दिशा दी। आज के दौर में पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा सुधार और किसान आंदोलनों में छात्र राजनीति की भूमिका उल्लेखनीय रही है। यह नेतृत्व कौशल विकसित करती है, लोकतंत्र को मजबूत बनाती है और भविष्य के नीति-निर्माताओं को तैयार करती है। अच्छे अकादमिक रिकॉर्ड और छात्र राजनीति से समाज में सकारात्मक बदलाव आता है, क्योंकि युवा ऊर्जा अन्याय के प्रतीकों को चुनौती देती है। महाविद्यालय में छात्र राजनीति तब चुनौती बन जाती है जब यह पढ़ाई से भटकाती हो। परीक्षा के समय विश्वविद्यालय से सीधे बात कर पास कराने वाले गुट भोले भाले विद्यार्थियों को भ्रमित करने सक्रिय देखें जाते है। परीक्षा जीवन का आधार है, छात्र जीवन में भयमुक्त परीक्षा देना अति आवश्यक है l विद्यार्थियों से व्यक्तिगत अपील है कि आप या आपके आसपास भाई बहनों में परीक्षा से पहले भय, आत्मविश्वास की कमी या चिंता से अवसाद आएं तो बेझिझक काउंसलिंग प्राप्त करें l मैंने इस हेतु HELP Advocacy Program की शुरुआत की है जिसके अंतर्गत एजुकेशन एडवोकेसी प्रोग्राम शामिल है l काउंसलिंग के दौरान मैंने अनुभव किया कि सबसे ज्यादा विद्यार्थी को आंसर राइटिंग में संशय होता है l विश्वविद्यालय विशेष आईडियल राइटिंग पैटर्न नहीं बताती है फिर भी अनुभव के आधार पर कुछ विशिष्ट टिप्स होते है जिससे आप 20 से 30 नंबर हर विषय में अतिरिक्त प्राप्त कर सकते है l
आपका
सत्येंद्र प्रकाश सूर्यवंशी
(गुड्डा भईया बिरकोना वाले)
www.helpadvocacy.com
अधिवक्ता, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं छात्र राजनीति विज्ञान, डी. एल. एस. महाविद्यालय बिलासपुर l
संपर्क: 9630228563
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