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पति पत्नी के आपसी विवाद से समाजिक उथलपुथल


 परिवारिक विवाद 21 वी सदी के इस दौर पर आम चुनौती बनकर उभरी है l 

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मंत्रिपरिषद की बैठक , दिनांक 09 जुलाई 2024

छत्तीसगढ़ प्रदेश के  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में दिनांक 09 जुलाई 2024 को मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में निम्नानुसार महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए - मंत्रिपरिषद की बैठक में निर्णय लिया गया कि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग तथा वन और जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा वन अधिकार अधिनियम के तहत व्यक्तिगत्त वन अधिकार पत्रधारकों की मृत्यु होने पर वारिसानों के नाम पर काबिज वन भूमि का हस्तांतरण राजस्व या वन अभिलेखों में दर्ज करने संबंधित कार्यवाही के लिए प्रक्रिया प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इससे भविष्य में नक्शा का जिओ रिफ्रेंसिंग होने से भूखण्ड का आधार नंबर भी लिया जाएगा। इसका उपयोग नामांतरण, सीमांकन, बटवारा आदि में किया जाएगा। प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था के लिए मंत्रिपरिषद की बैठक में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को छत्तीसगढ़ राज्य में पूर्ण रूप से लागू करने का निर्णय लिया गया। नई शिक्षा नीति के तहत कक्षा 5वीं तक बच्चों को स्थानीय भाषा-बोली में शिक्षा दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ह

वन स्टॉप सेंटर : सामान्य जानकारी

सामान्य पूर्व धारणा : हम स्वयं या हमारे आसपास कई ऐसे परिवार है जो किन्ही कारणों से घरेलू विवादों और आपसी सामंजस्य के अभाव में अपनी वैवाहिक जीवन से त्रस्त है. पीड़ित पक्ष के चुप्पी का कारण परिस्थितिजन्य होने के साथ-साथ पुलिस या अन्य संबंधित शिकायतों से उनके सार्वजनिक  जीवन में एकांतता के अभाव की अनायास शंका या अति सामाजिक प्रतिष्ठा से निजी जीवन के रिश्ते में हुई खटास से बदनामी का डर होता है. ऐसे प्रकरण में आरोपी ( प्रत्यर्थी) इस डर का नाजायज फायदा उठाने का प्रयास करता है. उन्हें यह भ्रम होता है कि उनके कृत्यों को उसके आसपास की रहवासी आम जनता हर बार नजरंदाज करते  रहेंगे, ऐसे में इस लेख के माध्यम से हम एक आम जागरूक नागरिक की भूमिका में समाज को विधि द्वारा स्थापित संस्थानों से परिचय कराना चाहते है जिससे जनमानस को ऐसे संस्थानों का महत्व पता चले. शुरुआत करते है ' वन स्टॉप सेंटर' से...     हिंसा से प्रभावित महिलाओं को सहायता प्रदान करने के लिए 01 अप्रैल , 2015 से वन स्टॉप सेंटर/ ओएससी/साक्षी केंद्र स्थापित करने की स्कीम क्रियान्वित कर रहा है। स्कीम का उद्देश्य हिंसा से प्रभावित महिलाओ

जिला एवं सत्र न्यायालय बिलासपुर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

वर्तमान न्यायधानी बिलासपुर ब्रिटिश काल में छत्तीसगढ़ संभाग में शामिल था और उस संभाग के आयुक्त की देखरेख में था। यह उस डिवीजन के डिविजनल जज के अधिकार क्षेत्र में था जो सत्र न्यायाधीश कहलाता था। सभी अदालतें नागपुर में न्यायिक आयुक्त के अधीन थीं। पूर्व में सक्ती और रायगढ़ तथा उत्तर में रीवा के देशी राज्यों में रेलवे सीमा के भीतर और सक्ति , रायगढ़ तथा कवर्धा के देशी राज्यों में यूरोपीय ब्रिटिश विषयों पर भी उनका अधिकार क्षेत्र था। उनके पास पूर्ण शक्तियों का प्रयोग करने वाले चार सहायकों का स्वीकृत स्टाफ था I जिला पंचायत कार्यालय बिलासपुर के ठीक सामने स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय बिलासपुर में आज दिनांक 14 मार्च 2024 को जिला अधिवक्ता संघ निर्वाचन 2024 की मतगणना संपन्न करा लिया जाएगा जिसके पश्चात् जिला अधिवक्ता संघ अपने कार्यकारिणी सदस्यों के साथ इसकी दशा और दिशा तय करने में अपनी महती भूमिका निभाएँगे ...     कोरबा एवं  जांजगीर-चांपा राजस्व जिले में स्थानांतरण  जिले को तीन तहसीलों बिलासपुर , जांजगीर और मुंगेली में विभाजित किया गया था , प्रत्येक तहसील एक सहायक के अधीन एक सब-डिवीज़न थी , जहाँ स